- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
हाईवे पर हैलमेट की जांच करके बचाई जा सकती है 20 प्रतिशत जानें
इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के मध्यप्रदेश चैप्टर की 37 वी एनुअल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए देश-विदेश के ऑर्थोपेडिक सर्जन्स
इंदौर। विदेशों की तुलना में हमारे देश में ट्रामा से होने वाली मौतों की संख्या कही अधिक है। हमारे देश में जनसंख्या ज्यादा है और इनमें से ज्यादातर लोग हैलमेट लगाना या सीटबेल्ट पहनना अपनी शान के खिलाफ मानते हैं।
यह कहना हैं लंदन से आए ब्रजेन्द्र सिंह का। वे इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के मध्यप्रदेश चैप्टर की 37 वी एनुअल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आए थे।
उन्होंने कहा की ट्रैफिक के नियमों का पालन कर हैलमेटऔर सीटबेल्ट लगाने से 20 प्रतिशत मौतें कम हो जाएगी। इसी विषय पर भोपाल से आए इंडियन ऑर्थोपेडिक असोसिएशन एमपीसीजी चैप्टर के एडिटर डॉ आशीष गोइया ने कहा कि पुलिस को गलियों के बजाए हाईवे पर हैलमेट और सीटबेल्ट की चेकिंग करनी चाहिए क्योकि लोग शहरों के बजाए हाईवे पर ज्यादा तेज़ गति से चलते हैं, जिससे जानलेवा हादसे शहर के बाहर अधिक होते हैं।
कांफ्रेंस अरबिंदो मेडिकल कॉलेज में हुई जहाँ देशभर से 400 डॉक्टर्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान शहर के सीनियर डॉ प्रदीप भार्गव को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया।
शहर में बढ़ रहा है मेडिकल टूरिस्म
कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ पर प्रदेश सरकार की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी गौरी सिंह ने कहा कि शहर का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत अच्छा है, जिससे सिर्फ यहां के नागरिकों को ही नही बल्कि बाहर से आने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलती है।
इस मौके पर विशेष रूप से आए विख्यात ऑर्थोपेडिक सर्जन पद्मभूषण डॉ एन एस लॉड ने कहा कि इस शहर ने देश-विदेश को कई नामी डॉक्टर्स दिए हैं। इस तरह की कॉन्फ्रेंस हम सभी के लिए अपग्रेडेशन का माध्यम होती है। मैं खुद इस तरह की कॉन्फ्रेंसेस से बहुत सीखता हूँ। इनसे ही हमें देश-विदेश में उपयोग होने वाली नई तकनीकों की जानकारी मिलती है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर आर्यमा सान्याल ने बताया कि शहर में 96 फ्लाइट्स आती-जाती है। फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर में मेडिकल टूरिज्म में भी इजाफा हुआ है।
देश में सिर्फ दो केडेवरिक लैब जिसमें से एक शहर में
डॉ साकेत जती कहते हैं कि हमारे देश में सिर्फ दो केडेवरिक लैब है जहां स्टूडेंट्स सर्जरी करके केस से जुड़ी बारीकियों को समझ सकते हैं। शहर के मेडिकल स्टूडेंट्स इस मामले में बहुत भाग्यशाली है क्योंकि सेंट्रल इंडिया की एकमात्र लैब इंदौर में है जबकि देश की दूरी लैब चैन्नई में है। कॉन्फ्रेंस में आए 150 स्टूडेंट्स के लिए यह स्वर्णिम मौका है।
ऑर्गनाइज़िंग सेक्रेटरी डॉ प्रदीप चौधरी बताते हैं कि कॉन्फ्रेंस में सर्जन्स और स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग सेशंस रखे गए थे। दो हॉल में 75 स्पीकर्स ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। पहली बार किसी स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन 150शोधपत्र आए है। कॉन्फ्रेंस में 400 से अधिक सर्जन्स ने हिस्सा लिया।
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ मनीष माहेश्वरी कहते हैं कि देश में टीबी और इंफेक्शन आदि से जोड़ों में तकलीफ होना आम बात है जबकि विदेशों में यह समस्या नही होती। मेडिकल जर्नल्स के जरिए हमें ऐसी कई मेडिकल समस्याओं और उनके निदान के बारे में जानकारी मिलती है।
जॉगिंग करने से हड्डियां कमजोर हो सकती है
कॉन्फ्रेंस में आए सीनियर डॉक्टर डी.डी.तन्ना ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित कसरत करना जरूरी है पर जॉगिंग करने से हड्डियां कमजोर हो सकती है। देखा गया है कि ज्यादा हैवी एक्सरसाइज खासकर जॉगिंग करने वाले लोगों में ऑस्टियो अर्थराइटिस की आशंका अधिक होती है। स्वस्थ हड्डियों के लिए ये प्रयास कीजिए।
स्वस्थ हड्डियों के लिए अपनाए ये टिप्स
– सप्ताह में 3 दिन कसरत कीजिए।
– विटामिन डी का सेवन करें। विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से वजन बढ़ सकता है इसलिए टैबलेट के रूप में इसका सेवन कीजिए।
– अपना वजन कम रखें।
– सुबह 15 मिनिट धूप जरूर ले।
– देसी इलाज के बजाए सीधे एक्सपर्ट से मिले।


